सब बकरियाँ कटवाती हैं अपना गला, चाहे कटवाना मेरा भी गला

सब बकरियाँ कटवाती हैं अपना गला,
चाहे कटवाना मेरा भी।
कहें, ऐसा ही तो होता है लला,
हमेशा से काटा है सबका गला।

तुम झुक जाओ मालिक के आगे लला,
उन्होंने तुम्हें खिलाया है चारा।

अगर मालिक से विद्रोह करा,
तो समय से पहले कटेगा गला।

एक बकरी बोरी सी जरा,
चल पड़ी अपनी ही राह,
दिखाएगी अपनी कला,
या कटवाएगी अपना गला।