अविद्या

परिभाषा

बाहरी ज्ञान ।

स्वरूप

  • अस्थायी को स्थायी मानना
  • अहं को सत्य मानना
  • बाहरी को अंतिम मान लेना

परिणाम

दुविधा, संघर्ष, असंतोष।

सार

अविद्या दृष्टि की भूल है।