गीता दुनिया की सारी समस्या का समाधान है
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गीता दुनिया की सारी समस्या का समाधान है ।
दुनिया की अधिकांश समस्याएँ इसी तल की हैं।
प्रदूषण, युद्ध, भ्रष्टाचार — सब मानव-व्रत्ति के विस्तार हैं।
मूल समस्या व्रत्ति है — और समाधान आत्मज्ञान।
आप आँख उठाके देखिये सबका समाधान आत्मज्ञान में है । “रूस-उकरेन का युद्ध”
“इश्रेयल-पलेसतीने युद्ध”
“पुरुष ने महिला के साथ अभध्रता कर दी”
“शारीरिक और मानसिक हिंसा”
“एक दूसरे एक साथ भेद-भाव”
“एक नेता पर दूसरे नेता पर टिप्पणी कर दी”
“एक्यूआई 500 पर है”
“एक पंथ के लोग दूसरे पंथ से संघर्ष में है”
“चीन में कोविद”
“आतंकबाद”
“पशु-हिंसा”
“दुनिया का अवस्था भरी मंडी के मोहोने पर पहुँच चुकीं है”
हमारे मन में ये नहीं आता की इसका समाधान गीता है, अध्यात्म है । लेकिन यही एक मात्र सत्य है ।