घृणा
[[अध्यात्म]] की रोशीनी से अपने को देखना की कीचड़ में है और गंध आ रही है । अपने व्यक्तित्क के प्रति नफरत जो कीचड़ में पड़ा रेहता है ।
उपाय
[[संघर्ष]] = घृणा के वीरुध युद्ध = जन्मजात बैचैनी, अपूर्णता, अधूरापन के वीरुध युद्ध = अपने अंदर के कीचर के वीरुध युद्ध