चयन
चयन वह सूक्ष्म बिंदु है जहाँ जिम्मेदारी उत्पन्न होती है।
[[अहंकार|अहं]] अपनी स्थिति के लिए परिस्थितियों को दोष देता है, पर वह स्वयं भी भागीदार है।
टालना, भागना, सोना—ये सब भी चयन हैं।
- कुछ न करना = चयन
- जागरूक न होना = चयन
[[अहंकार|अहं]] चयन से बचता है, क्योंकि चयन जिम्मेदारी लाता है।
सही चयन वह है जो अहं को बनाए नहीं रखता, बल्कि समाप्त करता है।
सर्वश्रेस्ठ चुनाव [[प्रेम]] है ।