जन्म मरण के बारे में सोचे बोरे

जन्म-मरण के बारे में सोचे बोरे ।
जाने न सतानंदप्रेम कर्म ही योग ॥
कहे हरेन्द्र सुनो भाई साधो ,
जा मारग साहब मिले वही श्रेष्ठ हो ॥