जीवत्व मिटना ही एकत्व है

“न मे जीवः इति ज्ञात्वा स जीवन्मुक्त उच्यते।”
— ऋभुगीता
जो जान ले कि “मैं जीव नहीं हूँ”, वही जीवन्मुक्त है।