जीव भूत
जीव-भूत = धारण करने वाली शक्ति
= physical ego (कर्तृत्व रहित)
जीव-भूत वह सिद्धांत है जो सम्पूर्ण जगत को धारण करता है। यह व्यक्तिगत “मैं” नहीं है।
यह क्रिया करता है—परंतु कर्ता नहीं होता।
यही “[[Being without being]]” की अवस्था है।