द्वैत
विचार:
द्वैत = “मैं और दूसरा” की धारणा।
व्याख्या:
जब अनुभवक और अनुभव अलग हैं, तब द्वैत और भेद पैदा होता है।
संबंधित अवधारणाएँ
[[अहंकार]]
[[समय]]
विचार:
द्वैत = “मैं और दूसरा” की धारणा।
व्याख्या:
जब अनुभवक और अनुभव अलग हैं, तब द्वैत और भेद पैदा होता है।
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