निष्काम कर्म

परिभाषा

ऐसा कर्म जिसमें कर्तापन और फल-आसक्ति नहीं हो।
सही कर्म जिसके केंद्र में सत्य हो - जो कामना और चाह से रहित हो ।

तुलना

सकाम कर्म निष्काम कर्म
मैं कर रहा हूँ कर्म हो रहा है
फल की अपेक्षा सहजता
मान्यता की चाह आंतरिक संतुलन

व्याख्या

निष्काम कर्म उदासीनता नहीं है।
यह पूर्ण सहभागिता है, पर बिना कहानी के।

कर्म करने के लिए अहंकार नहीं कहिए । अहंकार कर्म करता है और फिर उसपर कहानिया बनाता है । बिना अहंकार और बिना उसकी कहानिया के कर्म ही [[निष्काम कर्म]] है ।

सार

जहाँ कर्म है पर कर्ता नहीं — वही निष्काम कर्म।