भक्ति

भक्ति वह मार्ग है जिसमें व्यक्ति अपने प्रिय विषयों को परम को समर्पित करता है। वह विषय को मिटा नहीं पाता, इसलिए उसे अर्पित करता है। भक्ति का सार मधुरता और समर्पण में है, पर उसकी पूर्णता तब है जब ममत्व एकत्व में बदल जाए।

[[प्रेम]]