शब्द

मूल विचार
शब्द सत्य देने के लिए नहीं — गलत मान्यताओं को हटाने के लिए होते हैं।

व्याख्या
सही आध्यात्मिक भाषा का काम है भ्रम काटना।
जब भ्रम हट जाए — शब्द भी छोड़ने पड़ते हैं।

मुख्य बिंदु

  • शब्द ≠ सत्य
  • शब्द = सफाई का साधन
  • रटना = नया भ्रम
  • अंतिम सत्य अनुभव से है

एक पंक्ति सार
शब्द मंज़िल नहीं — मानसिक सफाई का झाड़ू हैं।

संबंधित अवधारणाएँ
[[मैं समय में नहीं हूँ, समय मुझमे हैं]]
[[साक्षीभाव]]