शारीरिक अहं
शारीरिक अहं = कार्यात्मक पहचान
= जीव-भूत का स्तर
यह वह न्यूनतम पहचान है जो शरीर के संचालन के लिए आवश्यक है।
यह प्राकृतिक है।
इसमें विकृति नहीं है।
यह केवल क्रिया करता है—व्याख्या नहीं।
शारीरिक अहं = कार्यात्मक पहचान
= जीव-भूत का स्तर
यह वह न्यूनतम पहचान है जो शरीर के संचालन के लिए आवश्यक है।
यह प्राकृतिक है।
इसमें विकृति नहीं है।
यह केवल क्रिया करता है—व्याख्या नहीं।