संघर्ष

सत्य, सही जीबन, सही कर्म

राम की मजदूरी है
रोज करनी है
कोई छुट्टी नहीं

गिर ही जाए शरीर
तो बात अलग है

जब तक चल सकते हैं
तो गलत दिशा क्यों चलें?

जिस दिन नहीं चल सकते
उस दिन गिर जाएंगे
पर गलत दिशा नहीं चलेंगे
ना ही रुकेंगे

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[[नींद]]